टॉप न्यूज़मध्य प्रदेश

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े ‘वियोम और नीरा,’ कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आयोजित हुआ कार्यक्रम

सीएम डॉ. मोहन ने नौरादेही सेंचुरी में छोड़े ‘वियोम और नीरा,’ कहा- चीतों की बसाहट के लिए सबसे बेहतर है मध्यप्रदेश

नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आयोजित हुआ कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अगले महीने यहां फिर रिलीज करेंगे 2 चीते
प्रदेश के मुखिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया टाइगर
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर साधा निशाना

भोपाल/सागर(राहुल अग्रवाल)-7/10/26

मध्यप्रदेश की वाइल्डलाइफ को लेकर 7 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक रहा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सागर स्थित नौरादेही वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते छोड़े। उन्होंने उनका नामकरण वियोम और नीरा किया है। सीएम डॉ. यादव ने यहां आयोजित “वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह” के समापन समारोह में गिद्ध संख्या आंकलन-2026 रिपोर्ट जारी की। इसके अलावा उन्होंने बुंदेलखंडी भाषा में लिखी गई ‘वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व’ किताब का विमोचन भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि चीतों की बसाहट के लिए मध्यप्रदेश की धरती अनुकूल है। इसके अलावा उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज भी कसा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चीते के इस नए घर अपनी एक अलग विशेषता है। हम जब अपने वन्य प्राणी की चिंता करते हैं, तो यह भी हमारा दायित्व है कि हम अपने ग्रामवासियों की भी चिंता करें। यहां वन विभाग से जुड़ी समितियों भी लाभांवित हुई हैं। जहां-जहां अभयारण्य हैं और पर्यटक आते हैं, वहां पर्यटन से होने वाली आय में स्थानीय ग्रामीणों की भी भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस वर्ष अभयारण्यों से लगभग 80 करोड़ का कलेक्शन हुआ है, जिसमें से 20 करोड़ की राशि आसपास के ग्रामीणों को वितरित की गई है। यह उनका हक है, क्योंकि वे वर्षों से इन्हीं अभयारण्यों के आसपास अपने गांव और घर आबाद करके रह रहे हैं। इस बात की जानकारी लगने के बाद हमारी सरकार ने तय किया कि जिन ग्रामवासियों को लाभ नहीं मिल रहा है, उन्हें कैबिनेट में फैसला करके लाभ देंगे।

जनता की हर संभव मदद कर रही सरकार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब तो सरकार होम स्टे की सुविधा भी दे रही है। टाइगर रिजर्व के बफर जोन में जिन लोगों के मकान हैं, वे अपना घर होम स्टे में दे सकते हैं। इसके अलावा सरकार इन लोगों को 2-3 लाख रुपये का अनुदान भी दे रही है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में दूध उत्पादन का नया समय आया है। हम सब ग्रामीण परिवेश में ही आते हैं। इस किसान कल्याण वर्ष में आप जितना दूध उत्पादित करोगे, उसे समितियों के माध्यम से खरीदकर लाभ दिया जाएगा। हमने इस बार बड़ा लक्ष्य तय किया है। वन्य क्षेत्रों में खेती की जमीन कम होती है, लेकिन पशुधन बहुत होता है। वहां पशुपालन को प्रोत्साहित किया जा सकता है। गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में यह बड़ा लक्ष्य तय किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधिकारियों ने इस अभ्यारण्य और बाकी अभ्यारण्यों के बीच का अंतर बताया। कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर सेंचुरी में चीतों के अलावा दूसरे जानवरों को उस क्षेत्र से अलग कर दिया, लेकिन इस क्षेत्र में टाइगर भी हैं और अब चीते भी छोड़े जा रहे हैं। यहां चीते 170 साल पहले दिखाई दिए थे।

वाइल्डलाइफ के लिए अनुकूल है एमपी

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि पता नहीं उस वक्त की सरकारों के क्या हाल थे, वे लोग क्या काम करते थे। उन सरकारों ने जंगल के जंगल खराब कर दिए। लेकिन, आज का समय जीयो और जीने दो की संस्कृति पर चल रहा है। जंगल भी आबाद हों और मनुष्य भी अपने तरीके से जीवन जीये। उन्होंने कहा कि आज हम अपना तीसरा अभ्यारण्य चालू कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में साल 2022 में प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई थी। आज हमारे यहां चीतों की संख्या 60 हो गई है। मध्यप्रदेश की धरती हमारे लिए तो सौभाग्यशाली है ही, साथ ही वह वन्यप्राणियों के लिए भी अनुकूल है। उन्होंने कहा कि यहां से गिद्ध गायब हो रहे थे। लेकिन, आज मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा गिद्ध हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा टाइगर भी हमारे राज्य में हैं। यहां नदी में विलक्षण प्रजाति के कछुए भी छोड़े गए हैं। चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े गए, मां नर्मदा में मगरमच्छ छोड़े गए। मगर मां नर्मदा का वाहन है। उन्होंने कहा कि हम आज दो चीते छोड़ रहे हैं, अगले महीने फिर दो लेकर आएंगे। ये चार चीते अपना परिवार बढ़ाएंगे। चीतों के बारे में बताया गया है कि चीतों का मनुष्यों से कभी संघर्ष नहीं होता। चीता बहुत प्रेम से रहता है। अब आप उनके साथ रहने वाले हो, आपको आनंद आएगा।

कांग्रेस पर कसा तंज

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि हम चीते छोड़ रहे हैं और हमारे प्रधानमंत्री मोदी टाइगर बनकर देश का मान-सम्मान बढ़ा रहे हैं। उनके शासनकाल में भारत निर्भीकता से सभी तरह की नीतियों को लागू कर रहा है। भारत में आज आनंद का वातावरण है। उन्होंने कहा कि अभी 8 दिन पहले ही चीन के राष्ट्रपति और रूस के राष्ट्रपति के बीच में खड़े हमारे प्रधानमंत्री मोदी की मुस्कान देखकर सीना 56 इंच का हो गया। उससे कुछ दिन पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि वे अमेरिका में चुनाव कराने की प्रक्रिया भारत से सीखेंगे। उन्होंने कहा कि एक समय था जब भारत हमेशा दूसरों पर निर्भर रहता था, आज दूसरे लोग हमसे सीख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि हमारे यहां एक पप्पू है। पप्पू कुछ समझता ही नहीं है। आज इतना अच्छा समय चल रहा है। दुनिया आशा भरी निगाह से भारत की तरफ देख रही है, लेकिन जिसकी सत्ता चली गई, वो इसकी चाह में जो मर्जी में आ रहा है वो कर रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान सभी को सद्बुद्धि दे। उनके भाव उन पर छोड़ें।

ईको-सिस्टम होगा मजबूत, बढ़ेगा टूरिज्म

कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय जीवन के 25 साल पूरे हो गए हैं। चीता प्रोजेक्ट की शुरुआत उनके नेतृत्व में मध्यप्रदेश से हुई थी। हमारी सरकार ने तय किया है कि चीतों का तीसरा घर नौरादेही अभ्यारण्य होगा। हमने इनका नाम वियोम और नीरा किया है। मैं वियोम और मीरा को नए घर की बधाई देता हूं। एशिया से जो प्रजाति लुप्त हो गई, उसकी बसाहट का उत्कृष्ट उदाहरण मध्यप्रदेश बना है। बाहर से आए जिन चीतों की आबादी 8 बची थी, वो अब 60 हो गई है। इससे ईको-सिस्टम मजबूत बनेगा। हमारा टूरिज्म डेवलप होगा। आज जहां हमने चीता छोड़ा है, वहां टाइगर पहले से ही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!