44 डिग्री की तपती गर्मी में भी ट्रैफिक पुलिस का हौसला सलाम के काबिल
सिर पर टोपी, हाथ में डंडा, और कंधों पर हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी

44 डिग्री की तपती गर्मी में भी ट्रैफिक पुलिस का हौसला सलाम के काबिल
सिर पर टोपी, हाथ में डंडा, और कंधों पर हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी
भोपाल(राहुल अग्रवाल)-19/5/26
44°C में जब सड़क का डामर पिघल रहा हो, तब भी ट्रैफिक पुलिस वाले पूरे दिन चौराहे पर खड़े रहते हैं। सिर पर हेलमेट, हाथ में डंडा, और कंधों पर हमारी सुरक्षा की जिम्मेदारी। आज हमारे प्रतिनिधि जब भारत टॉकीज से अपने चार पहिया वाहन से गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर पुराने भोपाल के भारत टॉकीज चौराहे पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान जे पी द्विवेदी पर पड़ी,अकेले खड़े इस पुलिस कर्मी ने जाम ट्रैफिक को मात्र कुछ ही समय में चारों ओर के जाम से निजात दिलाई, जबकि वाहनों में एसी चला कर बैठे लोग भी इनकी सेवा को देख कर ताज्जुब में पड़ गए। जिधर अपना दाया ओर बाया हाथ उठाते उधर का ही ट्रैफिक शुरू होता और इनको हाथों का इशारा ही काफी था। यह जाबाज ट्रैफिक पुलिस कर्मी की सेवा तारीफ ए काबिल देखी गई ।
कैसी चुनौतियां झेलते हैं:
लू और धूप-8-10 घंटे लगातार धूप में ड्यूटी, छाया का नाम नहीं
यूनिफॉर्म–भारी वर्दी, बूट, हेलमेट में शरीर का तापमान और बढ़ जाता है
प्रदूषण–गाड़ियों का धुआं और गर्मी मिलकर हालत खराब कर देते हैं
पानी की कमी –कई बार ड्यूटी पॉइंट पर पानी तक नहीं मिल पाता है,फिर भी सिग्नल संभालते हैं, जाम खुलवाते हैं, एंबुलेंस को रास्ता दिलवाते हैं। ट्रैफिक कंट्रोल में सिर्फ हौसला होता है।
हमें भी इनके लिए कुछ करना चाहिए
अगली बार चौराहे पर इन्हें देखें तो पानी की बोतल ऑफर कर देना या बस एक बार मुस्कुराकर थैंक्स बोल देना। छोटी सी बात, पर 44°C में बहुत बड़ी लगती है।।44°C तापमान में जब हम AC से बाहर निकलने से कतराते हैं, ये जवान दिनभर सड़क पर खड़े होकर हमारी सुरक्षा देखते हैं। न छांव, न पंखा, सिर्फ ड्यूटी की धूप।
उनकी सेवा में हमारा फर्ज
– सिग्नल तोड़कर उन्हें परेशान न करें
– चौराहे पर पानी की बोतल दे सकते हैं तो जरूर दें
– “धन्यवाद सर” के दो शब्द उनकी थकान कम कर देंगे
पसीने से तर वर्दी के पीछे देश के लिए खड़े रहने का जज्बा है। अगली बार चौराहे पर रुकें तो उनके चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश जरूर करना।




