एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक रही शराब ? शाहपुर में उपभोक्ताओं की जेब पर डाका
जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल,जबाब देने से बच रहे अधिकारी

एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक रही शराब ? शाहपुर में उपभोक्ताओं की जेब पर डाका
जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे सवाल,जबाब देने से बच रहे अधिकारी
भोपाल/शाहपुर (बैतूल)राहुल अग्रवाल-1/8/26
शाहपुर क्षेत्र की शराब दुकानों पर निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक कीमत वसूलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि दुकानों पर खुलेआम प्रत्येक बोतल पर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। इससे आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई ब्रांड की शराब पर प्रिंटेड एमआरपी से 20 से 50 रुपये तक अधिक वसूले जा रहे हैं। जब ग्राहक अतिरिक्त राशि का विरोध करते हैं तो उन्हें शराब नहीं देने या अन्य बहाने बनाकर टाल दिया जाता है। मजबूरी में अधिकांश लोग अधिक कीमत चुकाने को विवश हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि यदि जिलेभर में लंबे समय से यह स्थिति बनी हुई है तो नियमित निरीक्षण और कार्रवाई के दावों पर भी प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग समय-समय पर प्रभावी जांच करता तो खुलेआम ओवररेटिंग नहीं होती।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से मांग की है कि शराब दुकानों पर विशेष जांच अभियान चलाकर एमआरपी से अधिक वसूली करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए कि यदि शिकायतें सही हैं तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
क्या कहते हैं नियम?
नियमों के अनुसार किसी भी उत्पाद को उसकी निर्धारित अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) से अधिक पर बेचना उपभोक्ता हितों का उल्लंघन माना जाता है। यदि शराब दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूली जा रही है तो संबंधित विभाग कार्रवाई कर सकता है।लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारियों का मूकदर्शक बने रहना सवालियां निशान खड़े कर देता है।




