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भारत-जर्मनी के रिश्तों को और प्रगाढ़ करेगा एमपी, सीएम डॉ. यादव बोले- भाई हैं दोनों देश

जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों से लगातार संपर्क में मध्यप्रदेश सरकार

भारत-जर्मनी के रिश्तों को और प्रगाढ़ करेगा एमपी, सीएम डॉ. यादव बोले- भाई हैं दोनों देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से जर्मनी के केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक की सीईओ लाईबेक ने की सौजन्य भेंट
जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों से लगातार संपर्क में मध्यप्रदेश सरकार

भोपाल(राहुल अग्रवाल)-3/7/26

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 जुलाई को जर्मनी के चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मंत्रालय में भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मध्यप्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र सहित विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में जर्मनी के केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के कार्यकारी बोर्ड की सदस्या एवं बैंक की सीईओ क्रिस्टियाने लाईबेक, कंट्री डायरेक्टर वूल्फन मूथ, जर्मन दूतावास के प्रतिनिधि गॉटफ्रीड वॉन और अन्य सदस्य, प्रबंध संचालक मप्र औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड चंद्रमौली शुक्ला, विशेष गढ़पाले सहित केन्द्र सरकार के अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत एवं जर्मनी के बीच दशकों पुरानी मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश भाइयों की तरह हैं। इनमें आपसी साझेदारी को और अधिक प्रबल बनाने में मध्यप्रदेश बड़ी भूमिका निभाने जा रहा है। सरकार जर्मनी के उद्योगपतियों और निवेशकों से लगातार सम्पर्क में है। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक के सहयोग की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की, कि हमारी साझेदारी दिन-ब-दिन और भी मजबूत होगी। जर्मनी के सहयोग से हमारा मध्ययप्रदेश एक ऊर्जा दक्ष हरित और समृद्ध राज्य के रूप में उभरेगा।

अधिक वित्तीय सहयोग पर फोकस

केएफडब्ल्यू बैंक के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अवगत कराया गया कि एनर्जी रिफार्म प्रोग्राम के तहत वितरण कंपनियों में स्मार्ट मीटर की स्थापना एवं फीडर विभक्तिकरण कार्य के लिए लगभग 1120 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया जा रहा है। बैंक ने इस सफल साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए एनर्जी रिफार्म फेस-2 के अंतर्गत प्रदेश में विद्युत वितरण अधोसंरचना निर्माण तथा सौर घंटों में कृषि फीडरों की आपूर्ति के निमित्त अधोसंरचना निर्माण कार्यों के लिए लगभग 200 मिलियन यूरो के वित्तीय सहयोग पर भी रुचि दर्शाई गई है।

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