मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने लिया आचार्य समय सागर जी महाराज का आशीर्वाद, समझाया इस जीवन का सार
सीएम डॉ. यादव ने महाराज जी को दिया विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में आने का निमंत्रण

सीएम डॉ. मोहन ने लिया आचार्य समय सागर जी महाराज का आशीर्वाद, समझाया इस जीवन का सार
परम पूज्य आचार्य 108 श्री समय सागर जी महाराज के पावन चातुर्मास का अवसर
भोपाल के विद्योदय तीर्थ में प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने लिया आशीर्वाद
सीएम डॉ. यादव ने महाराज जी को दिया विधानसभा के एक दिवसीय सत्र में आने का निमंत्रण
भोपाल(राहुल अग्रवाल)-2/8/26
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव परम पूज्य आचार्य 108 श्री समय सागर जी महाराज के पावन वर्षायोग (चातुर्मास) अवसर पर कलश स्थापना समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन 2 अगस्त को भोपाल के विद्योदय तीर्थ में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने कहा कि हम सभी का सौभाग्य है कि हमें संतों का आशीर्वाद मिल रहा है। आज का दिन प्रदेश के लिए सौभाग्यशाली है। यहां आकर ऐसा लग रहा है जैसे होली-दीपावली जैसे सारे त्योहार यहीं मना लिए। परमात्मा की जब कृपा होती है तो ऐसी ही होती है। आज मैंने महाराज जी के चरण प्रक्षालन करते हुए जो पुण्य अर्जित किया, उसे जीवन भर स्मरण रखूंगा। यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है।

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि महाराज जी ने राजधानी में अपने चरण धरे इससे हम सब धन्य हो गए। 84 लाख योनियों के बाद मिले मानव जीवन की एक धारा हमें देव मार्ग पर ले जाती है, जबकि दूसरी धारा हमारा जीवन कष्टमय करती है। उन्होंने कहा कि संतों का आशीर्वाद मिलने से हमारी देव मार्ग की यात्रा पक्की हो जाती है। संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज से हमने कई बार आशीर्वाद लिया, उनके प्रवचनों का अमृत पान किया। उनसे आशीर्वाद लेते वक्त ऐसा लगा कि देवता के दर्शन हो गए। उन्होंने कहा कि आज आचार्य श्री 108 समय सागर महाराज के दर्शन करके हम धन्य हो गए। इन क्षणों को व्यक्त करने के लिए आज शब्द नहीं हैं, इस पल को समेटना मुश्किल लग रहा है। भारत अगर आज भारत है तो ऐसी ही आध्यात्मिक विभूतियों के कारण है।
कई तरह से की जा सकती है साधना
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में भारत दुनिया के सामने अलग पहचान बना रहा है। आज दुनिया में एक तरफ संघर्ष हो रहा है, लोग सत्ता की ताकत के बल पर लोगों को झुकाना चाहते हैं, जबकि भारत आत्मसंयम के साथ जियो और जीने दो के मंत्र पर चल रहा है। भारत की हमेशा अलग ही ख्याति रही है। उन्होंने कहा कि हम सभी परमात्मा की कृपा से जन्म से मृत्यु तक जाने वाली यात्रा के यात्री हैं। हम प्राणियों से भी प्रेम करें। उन्होंने कहा कि गौ-माता में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है। हम उसकी भी रक्षा करें। लोगों को स्वावलंबी बनाने के लिए परम पूज्य महाराज ने जो कदम बढ़ाए हैं, वो हम सभी को प्रेरणा देते हैं। हम समाज पर ध्यान केंद्रित करते हुए अस्पताल बनवाकर, गौशाला बनवाकर, उद्योग लगाकर भी साधना कर सकते हैं।
अवसरों का सदुपयोग करें
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा नीति लागू की गई। शिक्षा केवल शब्दों का ज्ञान नहीं है। वह हमारी गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने और बच्चों को संस्कारी बनाने का माध्यम भी है। गुरुदेव ने आज यह मार्ग दिखाया कि हमारी संवाद की भाषा में स्वदेशी भाव होना चाहिए। हमें अपनी संस्कृति पर गौरव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसा हमारा पिण्ड है, वैसा ही ब्रह्मांड है। हमारे यहां सत्ताधीश शासक कभी राजा के रूप में नहीं माना गया, वह सेवक भाव से माना गया है। जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि इस भाव को बनाकर रखें। हमारा हर कदम जन-कल्याण के लिए उठे। गरीब से गरीब का आदमी का जीवन समता और सशक्तिकरण वाला हो। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परमात्मा ने जो मौका दिया है। उस मौके का सदुपयोग करें।

मरने के बाद कुछ नहीं जाएगा साथ
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार जन-कल्याण के मार्ग पर चलती रहेगी। चातुर्मास का हर दिन हमारे लिए मंगलकारी होगा। आपका आशीर्वाद हमारी सरकार को मिलता रहे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने कुछ दिन पहले ही समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) का विधेयक विधानसभा में पारित किया है। मैं गुरुदेव को विधानसभा में आने का निमंत्रण देता हूं, ताकि सब विधायकों को उनका मार्गदर्शन मिल सके। इसके लिए एक दिवसीय सत्र आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गरीब-युवा-अन्नदाता-नारी शक्ति के वर्ग बताए हैं। हमारी सरकार ने इन वर्गों के आधार पर अलग-अलग वर्ष निर्धारित किए हैं। यह वर्ष कृषक कल्याण वर्ष है। हम सब को इस भाव का अनुभव कराया जाता है कि जीवन में सबकुछ मिलेगा, लेकिन साथ कुछ नहीं जाएगा। गुरुदेव का संकेत ही हमारी शिक्षा है।




