
किसान विरोधी बन गई है भाजपा सरकार– पूर्व मंत्री अरुण यादव
भोपाल(राहुल अग्रवाल)–4/11/ 2025
प्रदेश और देश की भाजपा सरकारें किसानों के हित की बात केवल मंचों और भाषणों में करती हैं, लेकिन वास्तविकता में किसानों को लगातार धोखा दिया जा रहा है। सरकार एमएसपी देने के नाम पर केवल घोषणाओं और प्रचार में उलझी हुई है, जबकि सोयाबीन, मक्का और कपास जैसे प्रमुख फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं की जा रही है। किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित न करना, सीधे-सीधे किसानों को घाटे में धकेलने और आर्थिक रूप से कमजोर करने का प्रयास है।
मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र को पत्र लिखना सरकार की नाकामी की स्वीकारोक्ति
पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री अरुण यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव जी ने स्वयं केंद्र सरकार को पत्र लिखकर गेहूं और धान को समर्थन मूल्य पर खरीदने की असमर्थता जताई है। यह बताता है कि प्रदेश में व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हैं। जब भाजपा सरकार खुद यह स्वीकार कर रही है कि वह किसानों से गेंहूँ एमएसपी पर खरीद नहीं कर सकती, तो फिर किसानों को झूठे सपने क्यों दिखाए जा रहे हैं?
बिजली पर तुगलकी फरमान किसानों के साथ अन्याय
सरकार द्वारा जारी एक नए तुगलकी फरमान में कहा गया है कि “यदि किसानों को 10 घंटे से अधिक बिजली दी गई, तो अधिकारियों और कर्मचारियों की तनख्वाह काटी जाएगी। पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि राज्य में बिजली सरप्लस है, तो किसानों को पर्याप्त बिजली क्यों नहीं दी जा रही? सरकार किसानों के उत्पादन और सिंचाई व्यवस्था के मूल अधिकारों को क्यों छीन रही है? किसानों को सीमित बिजली देने और उत्पादन क्षमता को नुकसान पहुँचाना किसकी मदद कर रहा है? उन्होंने कहा कि यह निर्णय साफ दर्शाता है कि सरकार किसानों की फसल लागत, सिंचाई समय और उत्पादकता बढ़ाने की जरूरतों को समझने में पूरी तरह विफल है।
किसानों की आय दोगुनी करने का वादा हुआ खोखला
केंद्र की भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का दावा किया था, लेकिन आज किसान कर्ज, बढ़ती लागत, समर्थन मूल्य न मिलने और बिजली संकट के कारण बुरी तरह परेशान हैं। किसानों की आय दोगुनी नहीं, बल्कि उन पर आर्थिक बोझ दोगुना कर दिया गया है।
पूर्व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री अरुण यादव ने सरकार से की मांग
1. सोयाबीन, मक्का, कपास सहित सभी फसलों की एमएसपी पर तुरंत खरीद शुरू की जाए
2. किसानों के लिए बिजली सप्लाई बढ़ाई जाए और तुगलकी आदेश तुरंत वापस लिया जाए
3. प्रदेश भर में खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए और भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
यादव ने अपने वक्तव्य में कहा कि किसानों की मेहनत और आत्मसम्मान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यदि किसान कमजोर होगा, तो देश मजबूत नहीं रह सकता। भाजपा सरकार को किसानों के हक और अधिकार की अनदेखी बंद करनी होगी, अन्यथा किसान इस अन्याय का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से अवश्य देंगे।




