
जनजातीय छात्रों के अधिकारों की रक्षा को लेकर एबीवीपी का आंदोलन तेज़
झाबुआ इंजीनियरिंग कॉलेज को बचाने की उठाई प्रबल मांग
भोपाल(राहुल अग्रवाल)–8/9/25
भोपाल स्थित राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) परिसर आज एबीवीपी के प्रचंड आंदोलन का गवाह बना। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय प्रशासन और शासन को चेतावनी दी कि जनजातीय छात्रों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।एबीवीपी के प्रदर्शन में की गई मांग के फलस्वरूप तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को तत्काल पत्र भेजा गया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया कि झाबुआ इंजीनियरिंग कॉलेज, जिसे आदिवासी अंचल के छात्रों को इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के विशेष उद्देश्य से स्थापित किया गया था, उसी उद्देश्य के साथ सुरक्षित रखा जाए। पत्र में मेडिकल कॉलेज के लिए अन्य वैकल्पिक समाधान खोजने का आग्रह किया गया है।
विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति का पुतला दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए स्पष्ट संदेश दिया कि यह संघर्ष केवल एक कॉलेज का नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के शैक्षिक अधिकारों और आत्मसम्मान का आंदोलन है।
एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने कहा कि,
“झाबुआ इंजीनियरिंग कॉलेज जनजातीय छात्रों के लिए शिक्षा का प्रकाश स्तंभ है। इसे किसी भी कीमत पर कमजोर या परिवर्तित करने का प्रयास नहीं होने दिया जाएगा। परिषद हर स्तर पर संघर्ष करेगी और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाते।”
–हिमांशु शर्मा
प्रांत सहमंत्री, अभाविप
झाबुआ इंजीनियरिंग कॉलेज ,जनजातीय छात्र जो इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते थे उनकी सुविधा के लिए बनाया गया था और उसके मूल उद्देश्य को सुरक्षित रखा जाए अन्यथा छात्र हित वह राष्ट्रहित में विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन को बाध्य होगी




